Nainital Uttarakhand Tourism

Nainital Uttarakhand Tourism

नैनीताल भारत के उत्तरी राज्य उत्तराखंड / Uttarakhand का एक प्रमुख शहर पर्यटन नगर है, नैनीताल उत्तराखंड / Uttarakhand  के उत्तर मध्य भारत में शिवालिक पर्वत श्रेणी / Shivalik Mountain Range में स्थित एक नगर है, झीलों का शहर नैनीताल उत्तराखंड का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है पहाड़ों के बीच यह स्थान  झील से घिरा हुआ है इसमें सबसे प्रमुख नैनी झील/Naini Lake है,नैनीताल भारत में प्रसिद्ध हिल स्टेशन है, नैनीताल नैनी झील अद्भुत दृश्य और सुहावने मौसम के लिए प्रसिद्ध है मॉल रोड जो अब गोविंद बल्लभ पंत मार्ग के नाम से जाना जाता है पर्यटकों के आकर्षण के कुछ अन्य स्थान भी हैं आप सभी मॉल रोड में स्थित  रेस्तरां कार्यालय एवं होटल पा सकते हैं!नैनीताल का सबसे कम तापमान 27.00*c से – 01.00*c तक रहता है!नैनीताल को  झील जिला भी कहा जाता है!

Nainital
Nainital Lake

Geographical situation

नैनीताल शहर / Nainital City उत्तर-मध्य भारत के उत्तरी उत्तराखंड / Uttarakhand(Nainital Uttarakhand Tourism) राज्य में शिवालिक पर्वतश्रेणी में स्थित है। 1841 में स्थापित यह नगर एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जो समुद्र तल से लगभग 1,934 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यह नैनीताल शहर / Nainital City एक सुंदर झील / Beautiful lake के आस-पास बसा हुआ है, और इसके चारों ओर वनाच्छादित पहाड़ हैं। नैनीताल के उत्तर में अल्मोड़ा, पूर्व में चम्पावत / Champawat, दक्षिण में ऊधमसिंह नगर / Udham Singh Nagar और पश्चिम में पौड़ी एवं उत्तर प्रदेश / Uttar Pradesh की सीमाएँ मिलती हैं। जनपद के उत्तरी भाग में हिमालय / Himalaya क्षेत्र तथा दक्षिण में मैदानी भाग हैं जहाँ साल भर आनंददायक मौसम रहता है।

History

According to the Vedas

स्कन्द पुराण’ के मानस खण्ड में नैनीताल को त्रिऋषि सरोवर अर्थात तीन साधुवों अत्रि, पुलस्क तथा पुलक की भूमि के रूप में दर्शाया गया है। मान्यता है कि यह तीनों ऋषि यहां पर तपस्या करने आये थे, परंतु उन्हें यहां पर उन्हें पीने का पानी नहीं मिला । अतः प्यास मिटाने हेतु वे अपने तप के बल पर तिब्बत स्थित पवित्र मानसरोवर झील के जल को साइफन द्वारा यहांं पर लाये ।

महत्वपूर्ण पौराणिक संदर्भ के अनुसार नैनीताल 64 शक्तिपीठों में से एक है ।  इन शक्ति पीठों का निर्माण सती के विभिन्न अंगो के गिरने से हुआ है जब भगवान भोले नाथ / Bhole Nath  सती को जली हुई अवस्था में ले जा रहे थे  । मान्यता है  कि इस स्थान पर सती की बायीं ऑंंख (नैन) गिरी थी, जिसने नैनीताल के संरक्षक देवता का रूप लिया । इसीलिये इसका  नाम नैन-ताल पडा जिसे बाद में नैनीताल / Nainital के नाम से जाना जाने लगा। इस तालाब केे उत्तरी छोर पर नैना देवी / Naina Devi का मंदिर है, जहॉ पर देवी शक्ति की पूजा होती है ।

British period

अंग्रेजों ने कुमायूं एवं गढवाल पर सन् 1815 में कब्जा किया था,अंग्रेजों के आधिपत्य के पश्चात श्री ई. गर्डिन / Mr. E. Gurdin  को 8 मई 1815 को  कुमाऊं मण्डल / Kumaon region के आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया। 1817 में कुमायूं के दूसरे आयुक्त श्री जी.जे. ट्रेल ने कुमायूं के दूसरे राजस्व निपटान का संचालन किया था । श्री ट्रेल नैनीताल की यात्रा करने वाले पहले यूरोपीय थे / Shree Trail was the first European to visit Nainital लेकिन उन्होंने इस जगह की धार्मिक पवित्रता को देखते हुए अपनी यात्रा को ज्यादा प्रचारित नहीं किया ।

सन् 1839 ई. में एक अंग्रेज व्यापारी पी. बैरन / P. Baron थे। वह रोजा, जिला शाहजहाँपुर / shahjahanpur  में चीनी का व्यापार करते थे। इसी पी. बैरन नाम के अंग्रेज को पर्वतीय अंचल में घूमने का अत्यन्त शौक था। केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा करने के बाद यह उत्साही युवक अंग्रेज कुमाऊँ की मखमली धरती की ओर बढ़ता चला गया। एक बार खैरना / Khairna नाम के स्थान पर यह अंग्रेज युवक अपने मित्र कैप्टन ठेलर / Captain Thaler के साथ ठहरा हुआ था। प्राकृतिक दृश्यों को देखने का इन्हें बहुत शौक था।

उन्होंने एक स्थानीय व्यक्ति से जब ‘शेर का डाण्डा’ इलाके की जानकारी प्राप्त की तो उन्हें बताया गया कि सामने जो पर्वत हे, उसको ही शेर का डाण्डा कहते हैं और वहीं पर्वत के पीछे एक सुन्दर ताल भी है। बैरन ने उस व्यक्ति से ताल तक पहुँचने का रास्ता पूछा, परन्तु घनघोर जंगल होने के कारण और जंगली पशुओं के डर से वह व्यक्ति तैयार न हुए । परन्तु, विकट पर्वतारोही बैरन पीछे हटने वाले व्यक्ति नहीं थे। गाँव के कुछ लोगों की सहायता से पी. बैरन ने शेर का डाण्डा (2360 मी.) को पार कर नैनीताल की झील तक पहुँचने का सफल प्रयास किया। इस क्षेत्र में पहुँचकर और यहाँ की सुन्दरता देखकर पी. बैरन अत्यधिक प्रसन्न हो गये। उन्होंने उसी दिन सोचा कि वे अब रोजा, शाहजहाँपुर की गर्मी को छोड़कर नैनीताल की इन आबादियों को ही आबाद करेंगे।

Nainital Uttarakhand Tourism / तीर्थ स्थान

हिंदू धर्म के एक प्रसिद्ध शक्ति पीठ, नैनी देवी मंदिर नैनीताल में महान भक्ति का पवित्र स्थान है। देवी नैना देवी मंदिर / Naina Devi Temple की देवी हैं, और प्रसिद्ध नैनीताल झील के उत्तरी छोर पर स्थित हैं। इस पवित्र मंदिर में देवी को उनकी दो आंखों से दर्शाया गया है। यहां दूर-दूर से श्रद्धालु मां नैना देवी का आशीर्वाद लेने आते हैं। और हर साल हजारों भक्तों को आकर्षित करता है।

Naina DeviTemple
Naina DeviTemple

नैना देवी मंदिर के पास कई दुकानें हैं जहां से प्रसाद और पूजा की चीजें खरीदी जा सकती हैं।नैनी झील के बारें में माना जाता है कि जब शिव सती की मृत देह को लेकर कैलाश पर्वत जा रहे थे, तब जहां-जहां उनके शरीर के अंग गिरे वहां-वहां शक्तिपीठों की स्‍थापना हुई। नैनी झील के स्‍थान पर देवी सती के नेत्र गिरे थे / The eyes of Goddess Sati had fallen at the place of Naini Lake.। इसीसे प्रेरित होकर इस मंदिर की स्‍थापना की गई है।

Tourism

पर्यटन की दृष्टि से नैनीताल बहुत ही खूबसूरत स्थान है जहां पर आप घूमने का प्लान कर सकते हैं जहां चारों तरफ पहाड़ है और बीच में नैनी झील है सुंदरता का एक स्थान है, नैनीताल  सुख एवं शांति का प्रतीक है!

पर्यटन की दृष्टि से नैनीताल में सैलानी हमेशा आते हैं यहां का जो मौसम है वह मई और जून का विशेष माना गया है / May and June are considered special मई और जून के महीने में नैनीताल लाखों सैलानी आते हैं और आनंदित होकर जाते हैं!

Nainital Attractions

  • Naini Lake

नैनी झील सात अलग-अलग पर्वत की चोटियों से गिरी हुई चीज है जो कुमाऊं क्षेत्र की सबसे प्रसिद्ध झील है अपने खूबसूरत नजारों के लिए मजबूर किया झील नैनीताल दर्शनीय स्थलों के बीच पिकनिक मनाने का बहुत ही प्रसिद्ध स्थान है !झील के अंदर मछलियों को देखकर आपका मन आनंदित हो उठेगा और तैरती हुई  बतख को देखकर आपका मन लहरा उठेगा झील के पास आते ही सैलानियों का मन गदगद हो जाता है, Nainital Uttarakhand Tourism सैलानी झील के पास स्थित नैना देवी मंदिर के दर्शन करके मन को और अधिक शांति भी प्रदान करते हैं।

  • Eco Cave Gardens

हरे भरे बगीचों एवं संगीतमय फव्वारों के लिए प्रसिद्ध यह गुफा 6 छोटी गुफाओं का मिश्रण है, जिन्हें जानवरों के आकार में बनाया गया है। मुख्यतः ये नैनीताल दर्शनीय स्थल इसलिए बनाया गया है, जिससे पर्यटकों को हिमालयी वन्यजीवों के प्राकृतिक वास की झलक से परिचय किया जाए। आपको अंदर जाने में थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, किन्तु केरोसिन से जलते लैंप आपको आकर्षित करेंगे। यहाँ की प्रचलित गुफाएँ हैं- टाईगर केव, पैंथर केव, ऐप्स केव, बैट केव और फ्लाईंग फॉक्स केव इत्यादि गुफाये है !

  • Snow view point

सफ़ेद चादर जैसी बर्फ से ढका हिमालय मन गदगद करने वाला दृश्य आपकी आँखों के सामने ला देगा। इस नैनीताल दर्शनीय स्थल को देखकर आपका मन प्रसन्न हो जायेगा । समुद्र तल से 2270 मीटर ऊँचा यह केंद्र यात्रियों के बीच बेहद लोकप्रिय स्थान है। आपको ऐसा प्रतीत होने लगेगा आप बदलो के बीच समय बिता रहे है । आपके सामने होंगे ऊँचे बर्फीले पहाड़ और ऊपरऊपर बिचरण करते हुए बादल,सैलानियों का मन आंनदित हो जाता है दुनिया की सारी चिंताओं छोड़ कर खुद में शांति और प्रसन्नता सैलानी यह से लेकर जाते है !

  • Tiffin top

नैनीताल के पर्यटन स्थल में शुमर यह जगह आपको पूरे नैनीताल का दृश्य दिखाएगी। चारों तरफ चीड़, ओक व देवदार से घिरा यह स्थल आपको प्रसन्न व शांति के वातावरण से परिचय करा देगा। अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं तो आपको यहाँ भरपूर तसल्ली मिलेगी। तसल्ली भी ऐसी-वैसी नहीं, मन को आनंदमयी करने वाली। तो कोई क्यों यहाँ आना भूल सकता है,और वैसे भी अगर आप यहाँ नहीं आए तो आपकी यात्रा अधूरी रह जाएगी। यह भी एक पिकनिक स्थल है और यहाँ कुछ रोमांचक कार्य भी किए जाते हैं जैसै पर्वतारोहण आदि तो आप इसे भूल तो सकते ही नहीं हैं।

  • Naina Peak

2615 मीटर की ऊँचाई के साथ यह नैनीताल की सबसे ऊँची चोटी है जो,सैलानियों के बीच आकर्षण का केंद्र है। पहाड़ों को हरियाली युक्त पेड़ों ने घेरा हुआ है। तस्वीरें खींचने के शौकीन रखने वाले लोग यहाँ आकर अपनी इस इच्छा को पूरा कर सकते है।नैना पीक सबसे ऊंची पहाड़ी चोटी है और नैनीताल के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है।

नैनीताल में स्थानीय लोगों द्वारा इस चोटी को चाइना पीक और चीना पीक भी कहा जाता है। अधिक ऊंचाई और हरे भरे जंगल पथ के कारण, नैना पीक नैनीताल में यात्रियों के बीच ट्रेकिंग के लिए पसंदीदा जगह है।नैना पीक नैनीताल शहर, हिमालय / Himalaya और कुमाऊं क्षेत्र / Kumaon region के विशाल विस्तार का शानदार विहंगम दृश्य प्रस्तुत करता है। पैदल चलना पसंद करने वालों के लिए यह खुशी की बात है। कोई लंबी सैर पर जा सकता है, ताजी हवा में सांस ले सकता है और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकता है।

  • Pt. GB Pant Zoo

इस चिड़िया घर की स्थापना 1 जून 1995 को हुई थी,यह छोटा चिड़ियाघर विभिन्न प्रकार के पशुओं से लिप्त यह स्थान बहुत से जानवरों का निवास स्थान है जैसे-बंगाल टाइगर, हिमालयी काला भालू, नीली भेड़, लाल पांडा तिब्बती / Bengal Tiger, Himalayan Black Bear, Blue Sheep, Tibetan Red Panda आदि। बहुत से विलुप्त हुए पक्षियों को भी आप देख सकेंगे।इसके खुलने और बंद होने का टाइम सुबह 10:00 से 4:30 सांय तक है !

Traffic transport

  • वायु मार्ग / Airway
  • रेल मार्ग / Railroad Track
  •  सड़क मार्ग /By road
  • जल मार्ग / Waterway

वायु मार्ग / Airway

Nainital Uttarakhand Tourism  आने के लिए आपको नैनीताल से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पंतनगर हवाई अड्डा  / Pantnagar airport located at a distance of about 70 km from Nainital नैनीताल पहुंंचने का निकटतम हवाई अड्डा है। पंतनगर एवं दिल्ली के मध्य नियमित उड़ानें उपलब्ध हैं।

रेल मार्ग / Railroad Track

नैनीताल एक हिल स्टेशन है यह कोई रेलवे स्टेशन नहीं है, नैनीताल के सबसे पास काठगोदाम रेलवे स्टेशन है,नैनीताल से काठगोदाम की दूरी 34 किलोमीटर है। दिल्ली से काठगोदाम / Kathgodam के लिए सीधी ट्रेन है जो मुरादाबाद / Moradabad होती हुई रामपुर / Rampur लालकुआं / Lal Kuan होती हुई काठगोदाम / Kathgodam आती है जिसका नाम नैनीताल एक्सप्रेस है यह ट्रैन मुरादाबाद से दो भागो में बट जाती है एक रानीखेत एक्सप्रेस के नाम से जो रामनगर जाती है दूसरा भाग नैनीताल एक्सप्रेस के नाम से जो काठगोदाम आ जाती है। यदि आप लखनऊ से बरेली होते हुए काठगोदाम आ सकते है। इसके अलावा कोलकाता से नैनीताल पहुंचने के लिए भी काठगोदाम तक सीधी ट्रेन है। काठगोदाम से आप टैक्सी या बस से नैनीताल पहुंच सकते हैं।आप देहरादून से हरिद्धार / Haridwar होते हुए भी आ सकते है।Nainital Uttarakhand Tourism घूम सकते है।

सड़क मार्ग /By road

नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 87 से जुड़ा है। परिवहन निगम की बसें दिल्ली, आगरा, देहरादून, हरिद्वार, लखनऊ, कानपुर और बरेली इत्यादि स्थानों के लिए नियमित रूप से चलती हैं। यहॉ से विभिन्न स्थानों हेतु टैक्सी भी प्राइवेट आपरेटर के माध्यम से उपलब्ध रहते हैं।

जल मार्ग / Waterway

Nainital Uttarakhand Tourism  एक हिल स्टेशन है इसके आस पास समुन्द्र नहीं है इसलिए जल मार्ग का कोई बिकल्प नहीं है।

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conclusion

मित्रों हमने आपको नैनीताल /  Nainital Uttarakhand Tourism के विषय  में पूरी जानकारी दे दी है, आशा करते हैं, आपको इस जानकारी से काफी आनंद प्राप्त हुआ होगा दोस्तों अगर आप नैनीताल घूमने का प्लान कर रहे हैं तो यह एक अच्छा विकल्प है नैनीताल बहुत ही अच्छी और खूबसूरत स्थान है नैनीताल में सुंदरता के दृश्य अद्भुत हैं तथा यहां की झीलें बहुत ही खूबसूरत हैं आप जब भी चाहे नैनीताल आने की योजना बना सकते हैं नैनीताल के आस पास जिम कॉर्बेट फॉल / Jim Corbett Fall जोकि रामनगर / Ramnagar  के पास है घूम सकते हैं, जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क / Jim Corbett National Park  भी नैनीताल जिले में स्थित है, इसके आसपास बहुत ही सुंदर स्थान है जैसे कौसानी खैरना अल्मोड़ा रानीखेत गर्जिया माता सीताबनी क्यारी / Kausani Khairna Almora Ranikhet Garjiya Mata Sitabani Kyari आदि यह सभी स्थान नैनीताल से कुछ ही दूरी पर हैं आप प्रकृति के सौंदर्य का भरपूर आनंद ले सकते हैं तो दोस्तों यह थी नैनीताल यात्रा की पूरी जानकारी दोस्तों अगर आपके मन में नई दाल से संबंधित कोई सवाल हो तो आप कमेंट सेक्शन में जाकर कमेंट कर सकते हैं। जय हिंद,,,

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